The air quality is likely to deteriorate but remain in the very poor category from November 8 to November 9, it said in a press release, adding that the forecast for the subsequent six days is likely to remain largely in the very Poor category.

कम खर्च में ज्यादा कमाई कराने वाली स्कीम में अभी भी लगा सकते हैं पैसा, जानिए इसके बारे में सबकुछ

सचिन बंसल के नवी निफ्टी 50 इंडेक्स फंड ने एनएफओ में 100 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए. फंड अब सभी ऑनलाइन निवेश चैनलों या वित्तीय सलाहकारों के माध्यम से निवेश के लिए खुला है. ऑनलाइन चैनल में ग्रो, कॉइन बाय ज़ेरोधा, पेटीएम मनी, आईएनडी मनी समेत अन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

कम खर्च में ज्यादा कमाई कराने वाली स्कीम में अभी भी लगा सकते हैं पैसा, जानिए इसके बारे में सबकुछ

सचिन बंसल के प्रौद्योगिकी-संचालित बीएफएसआई समूह नवी की इकाई नवी म्यूचुअल फंड, जिसका एनएफओ 3 जुलाई 2021 से 12 जुलाई 2021 तक खुला था ने 17,000 निवेशकों से 100 करोड़ रुपये से अधिक जमा जुटाया है. फंड अब सभी ऑनलाइन निवेश चैनलों या वित्तीय सलाहकारों के माध्यम से निवेश के लिए खुला है. ऑनलाइन चैनल में ग्रो, कॉइन बाय ज़ेरोधा, पेटीएम मनी, आईएनडी मनी समेत अन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं. एक्सपेंस रेशियो 0.06% है जो पैसिव फंड कैटेगरी/इक्विटी मार्केट में वतर्मान में सबसे कम है. मान लीजिए आपने निवेश के लिए कोई म्यूचुअल फंड चुना है, जिसका एक्सपेंस रेश्यो 1.8 फीसदी है. वहीं, आपने इसमें 20 हजार रुपये का निवेश किया है. इसका मतलब हुआ कि इस फंड के मैनेजमेंट के लिए आपको सालाना 360 रुपये चुकाने होंगे. इसी तरह से अगर इस फंड ने कुल 14 फीसदी रिटर्न दिया तो आपको 12.2 फीसदी रिटर्न असल में मिलेगा.

इसी के विपरीत अगर इसका एक्सपेंस रेश्यो 2.6 फीसदी होता तो आपको इसके मैनेजमेंट के लिए 520 रुपये सालाना फीस देनी होती और रिटर्न भी 11.4 फीसदी ही मिलता. सीधा है कि एक्सपेंस रेश्यो जितना ज्यादा होगा, आपका खर्च उतना ही ज्यादा बढ़ेगा. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यहां यह बात ध्यान देने की होती है कि कम या ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो से रिटर्न की गारंटी नहीं तय होती है. कई RSI संकेतक क्या है? बार ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो वाले फंड कम एक्सपेंस रेश्यो वाले फंड के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देते हैं.

बेहद कम है एक्सपेंस रेशियो

नवी निफ्टी 50 इंडेक्स फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जो निफ्टी 50 इंडेक्स की ट्रैकिंग करती है. एक्सपेंस रेशियो 0.06% है जो पैसिव फंड कैटेगरी/इक्विटी मार्केट में वतर्मान में सबसे कम है. एनएफओ 10 दिनों के लिए खुला था जिससे 100 करोड़ रुपये से RSI संकेतक क्या है? अधिक का एयूएम जमा हुआ. पिछले कुछ वर्षों में निफ्टी 50 इंडेक्स फंड एनएफओ में उच्चतम एयूएम है. फंड अब सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है – न्यूनतम निवेश राशि 500 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के गुणकों में होगी.

डायरेक्ट प्लान के लिए फंड द्वारा 0.06% एक्सपेंस रेशियो अब तक इंडेक्स योजनाओं की श्रेणी में सबसे कम है. इसने निवेशकों के बीच महत्वपूर्ण आकर्षण प्राप्त RSI संकेतक क्या है? किया है क्योंकि वे लंबी अवधि में उनके द्वारा की गई पर्याप्त बचत पर होने वाले लाभ को लेकर परिचित हैं.

एएमएफआई की जून की रिपोर्ट के अनुसार, पहले से ही एनएफओ के दौरान कुल पैसिव फंड फोलियो 13.5 लाख हैं और नवी ने इस फोलियो आधार का 17,000 या लगभग 1.3% प्राप्त किया है.

दिलचस्प बात यह है कि एनएफओ की अवधि आम तौर पर 15 दिनों से अधिक होती है जबकि नवी निफ्टी 50 इंडेक्स फंड एनएफओ ने 10 दिनों की छोटी सी अवधि में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया.

क्या होता है एक्सपेंस रेश्यो?

म्यूचुअल फंड के प्रबंधन पर जो खर्च आता है, इसी खर्च का अनुपात एक्सपेंस रेश्यो कहलाता है. फंड को मैनेज करने के लिए फंड हाउसेज के तमाम खर्च होते हैं.

फंड हाउस में प्रोफेशनल्स की टीम होती है जो मार्केट पर नजर रखती है. इसमें ट्रांसफर और रजिस्ट्रार से संबंधित खर्च भी शामिल होते हैं. एक्सपेंस रेश्यो एक सालाना फीस होती है.

यह प्रति यूनिट आने वाले खर्च को दिखाता है. एक्सपेंस रेश्यो फंड हाउस द्वारा ली जा रही एक सालाना फीस होती है. इसलिए फंड में निवेश के वक्त एक्सपेंस रेश्यो देखें.

एनएफओ में एयूएम 100 करोड़ रुपये पार करने की उपलब्धि हासिल करनेपर टिप्पणी करते हुए सौरभ जैन, एमडी और सीईओ, नवी एएमसी लिमिटेड ने कहा, इस लॉन्च की सफलता न केवल इस एनएफओ के एयूएम से है, बल्कि इंडेक्स फंड निवेश और एक्सपेंस रेशियो को लेकर निवेशकों में फैली जागरूकता के माध्यम से भी है. यह इन 10 दिनों के दौरान हमारी वेबसाइट पर आने वाले 1.4 लाख उपयोगकर्ताओं के माध्यम से भी दिखाई देता है. यह धन सृजन के लिए हमारे निवेशकों के साथ लंबी अवधि की साझेदारी की शुरुआत है और हमें इस इंडेक्स फंड एनएफओ के लिए मिली प्रतिक्रिया से प्रसन्नता हो रही है.

RBI FINANCIAL TERMS/INDICATORS’ EFFECT ON YOUR PRESENT LIFE

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Every change in financial conditions affects your FD & EMI rates against your Fixed deposits & loan. Having information on RBI financial terms/indicators will save your money at Bank or Business. You can plan a better way. More details are available on RBI Website.

बजाज पल्सर आरएस 200

बजाज पल्सर आरएस 200 ​​​​एक स्पोर्ट्स बाइक है जिसकी शुरुआती कीमत Rs. 1.27 लाख है। यह बाइक 2 कलर ऑप्शन के साथ 3 वेरिएंट में उपलब्ध है। पल्सर आरएस 200 का 199.5 cc BS VI इंजन 6 गियर के साथ है, जो 18.60 Nm @ 8000 rpm के अधिकतम टॉर्क पर 24.16 bhp @ 9750 rpm की अधिकतम शक्ति का उत्पादन करता है। पल्सर आरएस 200 का माइलेज 35 किमी/लीटर है।

बजाज पल्सर आरएस 200 फोटो

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बजाज पल्सर आरएस 200 कीमतें

वेरिएंट एक्स-शोरूम प्राइस स्पेसिफिकेशन
बजाज पल्सर आरएस 200 NON-ABS ₹ 1.27 लाख

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Delhi: Sprinkling Of Water Done On Roads, To Check Rise In Air Quality Index

Delhi: Sprinkling Of Water Done On Roads, To Check Rise In Air Quality Index

New Delhi: As air quality in the national capital continues to hover in the ‘very poor’ category, desperate measures have been put in by the administration to improve the situation. Sprinkling of water on the city roads is one of the measures being adopted to bring down air quality index. The Delhi government has also pressed into service a total of 150 mobile smog guns to deal with air pollution.

According to Delhi environment minister, Gopal Rai, two smog guns will be installed in every assembly of Delhi, that is, total 70 assemblies and the rest will be installed at pollution hot spots. A mobile smog gun will hold seven thousand litres of water and will cover an area of ten km on one side

On 7th November, Monday morning the AQI (air quality RSI संकेतक क्या है? index) in the national capital Delhi came down and stopped at a ‘very poor’ category, after continuing to slide from the ‘severe’ category, which was recorded for three straight days last week, said the forecast system SAFAR.

Even though the air quality in Delhi continued to slide for the second consecutive day from the ‘upper end of very poor’ to the ‘very poor’ category, still, it is touching an alarming level on Monday morning as the overall Air Quality Index (AQI) of the city stood at 326.

Air Quality Index from 0 to 100 is considered as good, while from 100 to 200 it is moderate, from 200 to 300 it is poor, and from 300 to 400 it is said to be very poor and from 400 to 500 or above it is considered as severe.

According to the data released by the “Air Quality Early Warning System Delhi”, the quality of air is to further deteriorate in Delhi in the coming days.

The air quality is likely to deteriorate but remain in the very poor category from November RSI संकेतक क्या है? 8 to November 9, it said in a press release, adding that the forecast for the subsequent six days is likely to remain largely in the very Poor category.

(This story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)

NDTV – Dettol have been working towards a clean and healthy India since 2014 via the Banega Swachh India initiative, which is helmed by Campaign Ambassador Amitabh Bachchan. The campaign aims to highlight the inter-dependency of humans and the environment, and of humans on RSI संकेतक क्या है? one another with the focus on One Health, One Planet, One Future – Leaving No One Behind. It stresses on the need to RSI संकेतक क्या है? take care of, and consider, everyone’s health in India – especially vulnerable communities – the LGBTQ population, indigenous people, India’s different tribes, ethnic and linguistic minorities, people with disabilities, migrants, geographically remote populations, gender and sexual minorities. In wake of the current COVID-19 pandemic, the need for WASH (Water, Sanitation and Hygiene) is reaffirmed as handwashing is one of the ways to prevent Coronavirus infection and other diseases. The campaign will continue to raise awareness on the same along with focussing on the importance of nutrition and healthcare for women and children, fight malnutrition, mental wellbeing, self care, science and health, adolescent health & gender awareness. Along with the health of people, the campaign has realised the need to also take care of the health of the eco-system. Our environment is fragile due to human activity, which is not only over-exploiting available resources, but also generating immense pollution as a result of using and extracting those resources. The imbalance has also led to immense biodiversity loss that has caused one of the biggest threats to human survival – climate change. It has now been described as a “code red for humanity.” The campaign will continue to cover issues like air pollution, waste management, plastic ban, manual scavenging and sanitation workers and menstrual hygiene. Banega Swasth India will also be taking forward the dream of Swasth Bharat, the campaign feels that only a Swachh or clean India where toilets are used and open defecation free (ODF) status achieved as part of the Swachh Bharat Abhiyan launched by Prime Minister Narendra Modi in 2014, can eradicate diseases like diarrhoea and the country can become a Swasth or healthy India.

यूपी सरकार दे रही है किसानों को प्रति बोरिंग अधिकतम 6 हजार रुपए का लाभ, अभी तक नहीं उठाया है 'फ्री बोरिंग योजना' का फायदा तो आज ही ऐसे करें अप्लाई

UP Free Boring Scheme: आपको बता दें कि इस योजना के तहत सरकार किसानों को कम से कम तीन हजार और ज्यादा से ज्यादा छह हजार रुपए देने की बात कह रही है।

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यूपी सरकार दे रही है किसानों को प्रति बोरिंग अधिकतम 6 हजार रुपए का लाभ, अभी तक नहीं उठाया है 'फ्री बोरिंग योजना' का फायदा तो आज ही ऐसे करें अप्लाई

Highlights उत्तर प्रदेश सरकार एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना में किसानों को खेत की सिचाई के लिए बोरिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार अधिकतम छह हजार रूपए प्रति बोरिंग की राशि देने की बात कह रही है।

UP Free Boring Scheme: किसानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक नई योजना लाई है जिससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को इससे फायदा मिल सकता है। जिस तरीके से केन्द्र सरकार किसानों के लिए कई योजनाओं पर पहले से ही काम कर रही है, उसी तरीके से यूपी सरकार भी RSI संकेतक क्या है? इस योजना के तहत छोटे किसानों के खेत की सिचाई के लिए बोरिंग की सुविधा देने जा रही है। इस सुविधा से उन छोटे किसानों को डायरेक्ट फायदा मिलेगा जो किसी कारण अपनी खेती के लिए सही से पानी नहीं दे पाते है।

ऐसे में आइए जानते है इस योजना से जुड़े लाभ, पात्रता (जरूरी दस्तावेज) और आवेदन प्रक्रिया के बारे में। इसके बारे में नीचे जानकारी दी गई है।

UP Free Boring Scheme: योजना से जुड़े सभी लाभ क्या है

इस योजना से जुड़े कई लाभ है। इन सभी लाभों को नीचे बताया गया है। किसानों से यह अपील है कि इस योजना में अप्लाई करने से पहले इसके लाभ और आवेदन की प्रक्रिया को सही से समझ लें।

--इसके तहत सामान्य श्रेणी के किसानों को अधिकतम तीन हजार रूपए प्रति बोरिंग की राशि मिलेगी।
--वहीं इगर सामान्य श्रेणी के सीमांत किसानों की बात करें तो इन्हें अधिकतम चार हजार रूपए प्रति बोरिंग मिलने की बात है।
--और अन्त में अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को अधिकतम छह हजार रूपए प्रति बोरिंग सरकार द्वारा दिया जाएगा।

UP Free Boring Scheme: योजना में अप्लाई करने के लिए कौन-कौन से लगेंगे दस्तावेज

वैसे तो आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज ही किसी भी योजना में लगती है, इस योजना में भी ऐसे ही दस्तावेज लगेंगे। इन दस्तावेजों की लिस्ट नीचे दी गई है जिसे एक आवेदक को अप्लाई करते समय जमा देना होगा।

आय प्रमाण पत्र
आयु का प्रमाण
राशन कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
आधार कार्ड
निवास प्रमाण पत्र

UP Free Boring Scheme: ऐसे करे इस योजना के लिए आवेदन

इस योजना में अप्लाइ करना बहुत ही आसान है। इसके लिए नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें और इस प्रकार अपना आवेदन भरें।

रेटिंग: 4.73
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 390