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Cryptocurrency Gold Of Future Or Digital Bubble?

Will cryptocurrency do to banks and cash what the Internet did for information? Indians are pouring billions into cryptocurrency now, and this space has been witnessing a revolution in the last couple of years despite the uncertainty surrounding its regulation. So, is cryptocurrency the gold of the future - or is it just a 'digital bubble'?

Cryptocurrency में पैसा लगाने की सोच रहे? तो पहले जानिए क्रिप्टोक्यूरेंसी में निवेश करने के नुकसान क्या है?

Disadvantages of Cryptocurrency: भारत में क्रिप्टोकरंसी ने युवा और बूढ़े निवेशकों के दिमाग में आशाजनक रिटर्न देने के ज्वलंत विचारों को अपने कब्जे में ले लिया है। लेकिन इसमें निवेश करने से आपको खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। यहां ऐसे 5 कारण बताए गए है, जिस वजह से आपको क्रिप्टोक्यूरेंसी निवेश से दूर रहना चाहिए।

Disadvantages of Cryptocurrency in Hindi: दुनिया के महान निवेशक वॉरेन बफे जैसे सफल निवेशकों ने डिजिटल मुद्रा यानी क्रिप्टोक्यूरेंसी को 'अगला बुलबुला' के रूप में संदर्भित किया है। यह देखते हुए कि बुलबुले फूट रहे हैं, यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्रिप्टोक्यूरेंसी में निवेश करने की कमियां (Disadvantages of Cryptocurrency) क्या हैं ताकि हम निवेश के बारे में सोच-समझकर निर्णय ले सकें। यहां ऐसे 5 नुकसान बताए गए, जिस वजह से आपको भी Cryptocurrency में निवेश से सावधान रहना चाहिए।

नुकसान 1 - स्केलिंग समस्याएं

भारत और पूरी दुनिया में क्रिप्टो करेंसी को लेकर काफी हाइप है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सबसे बड़ी चिंताओं में से एक स्केलेबिलिटी से संबंधित है। यह अभी भी अन्य वित्तीय लेनदेन और संचालन जैसे मास्टरकार्ड या वीज़ा जैसे भुगतान आइकन की तुलना में उतना अधिक नहीं है। इसके अलावा, जिस गति से क्रिप्टो में लेन-देन किया जाता है, उसका मास्टरकार्ड और वीज़ा जैसे खिलाड़ियों के लिए कोई मुकाबला नहीं है। क्रिप्टोकुरेंसी में पैमाने की समस्याएं उनके इंफ्रास्ट्रक्चर में हैं और इस सेक्टर में इंडस्ट्री में सुधार के लिए बहुत जगह है।

नुकसान 2 - क्रिप्टो एक्सचेंज सिक्योरिटी

क्रिप्टोक्यूरेंसी डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बहुत अधिक निर्भर करती है। इसके परिणामस्वरूप, यह साइबर सिक्योरिटी में उल्लंघनों के लिए खुला है। किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज से निपटने के बारे में कुछ चिंताओं में यह तथ्य है कि एकाउंट को हैक किया जा सकता है। कई ICO में हैकिंग की रिपोर्ट के साथ इसका पहले से ही जीवित प्रमाण है, जिसमें व्यक्तियों की लागत लाखों डॉलर है। इस प्रकार, सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को वर्तमान की तुलना में बेहतर तरीके से कंट्रोल और मैनेज किया जाना है। ट्रेडिशनल बैंकिंग क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला सिक्योरिटी उपाय डिजिटल करेंसी सिक्योरिटी रखरखाव के लिए इसमें कटौती नहीं करने जा रहे हैं।

नुकसान 3 - क्रिप्टोक्यूरेंसी मूल्य और अस्थिरता

भारत में क्रिप्टोकरंसी ने युवा और बूढ़े निवेशकों के दिमाग में आशाजनक रिटर्न देने के ज्वलंत विचारों को अपने कब्जे में ले लिया है। जबकि कई निवेशक क्रिप्टोक्यूरेंसी की लहर की सवारी कर रहे हैं, ऐसे कई लोग हैं जो यह पता लगा रहे हैं कि क्रिप्टोक्यूरेंसी की कीमतें एक हद तक अस्थिरता के लिए प्रवण होती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि क्रिप्टोक्यूरेंसी अपने जन्मजात मूल्य में कुछ कमी दर्शाती है, क्योंकि डिजिटल करेंसी किसी भी मूर्त संपत्ति से जुड़ी नहीं है।

नुकसान 4 - रेगुलेशन का अभाव

जब वॉरेन बफे ने क्रिप्टोकरंसी की कमियों पर जोर दिया, तो अनुभवी निवेशक ने इस मार्केट में एसेट को कंट्रोल करने वाले किसी भी रेगुलेटरी अथॉरिटी की कमी पर जोर दिया। किसी भी मैनेजमेंट की स्पष्ट कमी के कारण, बफे ने जिस शब्द का इस्तेमाल किया, उसे उद्धृत करने के लिए सिस्टम "इम्पोड" करने के लिए बाध्य है। आप अंतर्निहित तकनीक को पूर्ण कर सकते हैं, लेकिन जब तक कोई नियामक संस्था क्रिप्टोकरंसी को नहीं अपनाती है, तब तक हमेशा बड़ा जोखिम बना रहेगा।

नुकसान 5 - टेक्नोलॉजी बदलने की चिंता

भारत और दुनिया भर में क्रिप्टोकुरेंसी में व्यापार की विशेष तार्किक समस्याएं हैं। ये काफी हद तक उस तकनीक से जुड़े हैं जिसमें डिजिटल मुद्रा शामिल है। उदाहरण के लिए, जब क्रिप्टोक्यूरेंसी से संबंधित तकनीक को बदलने की आवश्यकता होती है, तो प्रोटोकॉल को बदलने की आवश्यकता होती है। यह एक थकाऊ प्रक्रिया हो सकती है और इसमें लंबा समय लगता है। इसलिए, नियमित क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला परिचालन और कार्यात्मक प्रवाह बाधित हो सकता है और अतिरिक्त मुद्दों का कारण बन सकता है।

Cryptocurrency: इतनी छूट दे सकती है मोदी सरकार, जानिए क्रिप्टोकरेंसी पर कैसा बिल आने के हैं आसार

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नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल खराब है। जबसे ये जानकारी आई है कि मोदी सरकार 29 नवंबर से शुरू होने जा रहे संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर बैन का बिल लाने जा रही है, क्रिप्टोकरेंसी की कीमत लगातार गिर रही है। अब जानकारी ये मिल रही है कि सरकार पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी पर रोक शायद न लगाए। इस आभासी मुद्रा की खरीद-फरोख्त करने के लिए न्यूनतम रकम भी बिल में तय हो सकती है। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी इससे चिंतित हैं कि क्रिप्टो के जरिए आतंकवाद और हवाला को बढ़ावा मिल रहा है। एक अखबार की खबर के मुताबिक बिल में कानूनन डिजिटल मुद्राओं में निवेश के लिए न्यूनतम रकम तय हो सकती है। जबकि लीगल टेंडर के रूप में उनके इस्‍तेमाल पर प्रतिबंध लग सकता है। उधर, रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि चिटफंड की तरह क्रिप्टोकरेंसी का बुलबुला भी फूट जाएगा और ऐसी आभासी मुद्रा में से ज्यादातर खत्म हो जाएंगी। रघुराम राजन ने एक टीवी चैनल क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला से बातचीत में कहा कि इस समय दुनिया में करीब 6000 क्रिप्टोकरेंसी हैं और इनमें से सिर्फ 1 या दो ही बाकी रह जाएंगी।

राजन ने कहा कि ज्यादातर क्रिप्टो का वजूद इसलिए है, क्योंकि कोई बेवकूफ उन्हें खरीदना चाहता है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसीज से देश में उसी तरह की समस्याएं होंगी, जैसी चिटफंड कंपनियों की वजह से हुईं। चिटफंड कंपनियां लोगों से पैसा लेतीं और फिर गायब हो जाती हैं। राजन ने कहा कि अधिकांश क्रिप्टो का कोई स्थायी मूल्य नहीं है, लेकिन खासकर क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स के लिए कुछ क्रिप्टो का वजूद बना रह सकता है। राजन ने कहा कि केंद्र सरकार को देश में ब्लॉकचेन को आगे बढ़ाने की मंजूरी देनी चाहिए।

Reserve Bank of India

मोदी सरकार प्राइवेट क्रिप्टोकरंसीज पर बैन लगाने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र में एक बिल लाने की योजना बना रही है। इससे देश में रिजर्व बैंक की डिजिटल करेंसी का रास्ता भी साफ होगा। रिर्जव बैंक ने पहले ही क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला प्राइवेट क्रिप्टोकरंसीज के खतरों से आगाह किया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरंसीज को मैक्रोइकॉनॉमिक और वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा बताया था।

Crypto Currency: क्रिप्टो पर कर लगाना सरकार का संप्रभु अधिकार, प्रतिबंध का निर्णय विचार-विमर्श बाद्- वित्त मंत्री सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन से होने पर लाभ पर कर लगाना सरकार का संप्रभु अधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि इस पर पाबंदी के बारे में निर्णय विचार-विमर्श से निकलने वाले निष्कर्ष के आधार पर किया जाएगा.

Crypto Currency: क्रिप्टो पर कर लगाना सरकार का संप्रभु अधिकार, प्रतिबंध का निर्णय विचार-विमर्श बाद्- वित्त मंत्री सीतारमण

नयी दिल्ली, 11 फरवरी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन से होने पर लाभ पर कर लगाना सरकार का संप्रभु अधिकार है. उन्होंने यह भी कहा कि इस पर पाबंदी के बारे में निर्णय विचार-विमर्श से निकलने क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला वाले निष्कर्ष के आधार पर किया जाएगा. सीतारमण ने राज्यसभा में आम बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा, ‘‘मैं इस समय इसे (क्रिप्टो करेंसी) वैध बनाने या पाबंदी लगाने नहीं जा रही हूं. प्रतिबंध लगेगा या नहीं, इस बारे में निर्णय जारी विचार-विमर्श से निकलने वाले निष्कर्ष के आधार पर किया जाएगा.’’ क्रिप्टो करेंसी से होने वाले लाभ पर कर के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘इसे वैध बनाया जाएगा या नहीं, यह अलग सवाल है. लेकिन मैंने कर लगाया है क्योंकि कर लगाना सरकार का संप्रभु अधिकार है.’’

वित्त मंत्री कांग्रेस की छाया वर्मा के क्रिप्टो करेंसी पर उठाये गये सवाल का जवाब दे रही थी. वर्मा ने क्रिप्टो करेंसी पर कर लगाने की वैधता के बारे में पूछा था. उल्लेखनीय है कि सीतारमण ने एक फरवरी को संसद में अपने बजट भाषण में कहा था कि केवल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ‘डिजिटल रुपी’ को ही डिजिटल मुद्रा की मान्यता दी जाएगी. सरकार एक अप्रैल से किसी भी डिजिटल संपत्ति या क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन से होने वाले लाभ पर 30 प्रतिशत कर लगाएगी. वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में एक साल में 10,000 रुपये से अधिक ऑनलाइन डिजिटल मुद्रा मद में भुगतान पर एक प्रतिशत टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाने का भी प्रस्ताव है. यह भी पढ़ें : फिलिस्तीन की एजेंसी हमास ने चुराई थी कारोबारी की 4.5 करोड़ रुपये की Crypto Currency, दिल्ली पुलिस का खुलासा

साथ ही इस प्रकार की संपत्ति उपहार देने पर भी काराधान का प्रस्ताव किया गया है. टीडीएस के लिये सीमा निर्धारित व्यक्तियों के लिये 50,000 रुपये सालाना होगी. इसमें व्यक्ति/हिंदू अविभाजित परिवार शामिल हैं. उन्हें आयकर कानून के तहत अपने खातों का ऑडिट कराने की जरूरत होगी. साथ ही इसमें लेन-दने से होने वाली आय की गणना के समय किसी प्रकार के व्यय या भत्ते को लेकर कटौती का कोई प्रावधान नहीं है. क्रिप्टो करेंसी पर एक प्रतिशत टीडीएस का प्रावधान एक जुलाई, 2022 से जबकि लाभ पर कर एक अप्रैल से प्रभाव में आएगा.

Bitcoin की कीमत $0.00 हो जाएगी, पैसा लगाने वाले हो जाएं सावधान!

क्रिप्टो करेंसी को लेकर पिछले कुछ समय में काफी दिलचस्पी बढ़ी है. लोग इस डिजिटल करेंसी में पैसा लगाने की सोच कह रहे हैं. हालांकि, भारतीय सरकार इसे अवैध करेंसी बता चुकी है.

  • बिटकॉइन को लेकर अमेरिकन निवेशक ने की चेतावनी जारी
  • करोड़ों की कीमत वाली क्रिप्टो करेंसी जल्द दो कोढ़ी की होगी
  • बिटकॉइन की कीमत एक डॉलर भी नहीं रहेगी, जल्द गिरेगी

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नई दिल्ली: क्रिप्टो करेंसी को लेकर पिछले कुछ समय में काफी दिलचस्पी बढ़ी है. लोग इस डिजिटल करेंसी में पैसा लगाने की सोच कह रहे हैं. हालांकि, भारतीय सरकार इसे अवैध करेंसी बता चुकी है. सरकार ने साफ किया है कि इस तरह की किसी भी करेंसी को वह मान्यता नहीं देगी. बावजूद इसके बिटकॉइन की कीमतें आसमान पर हैं. क्रिप्टो करेंसी डिमांड में हैं. लेकिन, अब खतरे की घंटी बजने लगी है. बड़े निवेशक खुद मान रहे हैं कि यह क्रिप्टो करेंसी जल्द ही जमीन पर आ जाएगी. बहुत जल्दी करोड़ों की कीमत वाली ये करेंसी दो कोढ़ी की नहीं रहेगी. निवेशकों के लिए चेतावनी जारी की गई है कि बिटकॉइन की कीमत एक डॉलर भी नहीं रहेगी. इसलिए इससे दूरी बना लें.

महंगा है बिटकॉइन, क्रिप्टो करेंसी का बुलबुला दूर रहें
पीटर शिफ वो ही अमेरिकन निवेशक हैं, जिन्होंने 2008 में वैश्विक मंदी की आशंका पहले ही जता दी थी. वैश्विक मंदी की उनकी चेतवानी सच साबित हुई. अब बिटकॉइन को लेकर उन्होंने चेतावनी जारी की है. उनका मानना है कि अब बिटकॉइन में निवेश करना सबसे बड़ी भूल होगी. क्योंकि, जिन लोगों ने इसे कम दाम में खरीदा था, वह आज मालामाल हैं. उस वक्त के मुकाबले आज बिटकॉइन बहुत महंगा है. अब इसे भाव पर खरीदकर बेचना संभव नहीं है. ऐसे में निवेशकों को इससे दूरी बनानी चाहिए.

डूब जाएगी सारी कमाई
पीटर शिफ का कहना है कि अब बिटकॉइन में पैसा लगाने वाले निवेशक अपना सब कुछ खो बैठेंगे. क्योंकि, बिटकॉइन को इस कीमत पर खरीदने वाला कोई नहीं होगा. मौजूदा हालात में वैल्युऐशन बहुत हाई हैं. सिर्फ एक हजार लोगों के पास 40 फीसदी बिटकॉइन हैं. यह लोग जब चाहें क्रिप्टो करेंसी मार्केट में उथल-पुथल मचा सकते हैं. ऐसे में छोटे निवेशक को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

बिटकॉइन के बदले कुछ नहीं.
बिटकॉइन की मौजूदा कीमत 5 लाख रुपए से ऊपर (करीब 8242 डॉलर) है. कुछ दिनों पहले यानी दिसंबर 2017 तर इसकी कीमत 20 हजार डॉलर के स्तर पर थी. शिफ के मुताबिक, क्रिप्टो करेंसी का बाजार बहुत बड़ा है. अभी करीब 1,300 क्रिप्टो करेंसी बाजार में हैं. अकेले बिटकॉइन की ही तीन-चार श्रेणी है. ऐसे में बिटकॉइन को मुद्रा की तरह इस्तेमाल करके कुछ खरीदा नहीं जा सकता.

फुटेगा बुलबुला तो क्या?
शिफ का कहना है कि यदि बिटकॉइन का बुलबुला फुटा और सबने बेचना शुरू किया तो इसका खरीदार कौन होगा? क्या कोई खरीदने वाला मिलेगा. इसे बेचने की प्रक्रिया काफी भयानक है और यह एक ऐसी करेंसी है जिसका न तो आप इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही इसे दूसरी करेंसी से बदल सकते हैं.

क्यों बेचने पर भी होंगे कंगाल?
बिटकॉइन को खरीदने-बेचने पर लगने वाला कमीशन शुल्क हर तीसरे महीने में दोगुना से भी ज्यादा बढ़ रहा है. साथ ही इसे बेचने की प्रक्रिया काफी लंबी है. इसकी कीमत भी समय के आधार पर तय होती है. मतलब सबसे अधिक पैसे देने वाला बिटकॉइन सबसे पहले बिकेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अभी कमीशन शुल्क 26 डॉलर यानी 1667 रुपए है. भारत के एनालिस्ट अरुण केजरीवाल का मानना है कि बिटकॉइन में तेजी ज्यादा लंबी नहीं है. जब इसके बुरे दिन आएंगे तो बेचने के लिए कमीशन शुल्क इसकी कीमत से ज्यादा चुकाना पड़ सकता है. ऐसे में निवेशक एक झटके में कंगाल हो सकते हैं.

दक्षिण कोरिया से मिला इशारा
हाल ही में दक्षिण कोरिया के एक्सचेंज मार्केट यूबिट को हैक किया गया था. इस एक्सचेंज में बिटकॉइन की खरीद-बिक्री होती थी. इसके बाद कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित करने की बात कही. दक्षिण कोरिया में मचे इस बवाल के बाद बिटकॉइन की कीमत चंद मिनटों में एक हजार डॉलर तक गिर गई थी. जाहिर है कि एक्सचेंज के दिवालिया होने से सीधे तौर पर नुकसान निवेशकों का ही होगा.

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