कारण 3: डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन्स 2021 में यह भी कहा गया है की किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने के लिए कंपनी को उसके एक्सक्लूसिव राइट्स लेना होंगे |

Is cryptocurrency MLM Network Marketing Legal in India Hindi

Is Cryptocurrency legal in India? 2022 | SC ने केंद्र से क्रिप्टोकरेंसी पर स्पष्ट रुख

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हमेशा यह प्रश्न उठता रहता है कि Is Cryptocurrency legal in India? भारत में Legal है या नहीं सरकार ने भी अपनी तरफ से कोई स्पष्टता नहीं दी है ऐसे में कई लोग Cryptocurrency को लेकर के चिंतित रहते हैं कि कहीं हमारा पैसा डूब ना जाए, कई सारे निवेशकों को भी निवेश करने में हिचकिचाहट होती है,

जिससे वह खुलकर के क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी इस बात को लेकर के हैं परेशान तो आज कि इस क्रिप्टो सीरीज में हम विस्तार से बात करेंगे कि क्या क्रिप्टो करेंसी भारत में लीगल है अथवा नहीं सरकार ने क्रिप्टो करेंसी पर टैक्स 1 अप्रैल 2022 नए बजट के अनुसार लगा दिया है

और आरबीआई द्वारा डिजिटल करेंसी लाने की भी बात की है कि साल के अंत तक आरबीआई द्वारा अपनी एक डिजिटल करेंसी लांच की जाएगी इन सभी के बारे में तो चलिए जान लेते हैं.

Is Cryptocurrency legal in India?

क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगने के बाद क्रिप्टो करेंसी को कानूनी दर्जा नहीं दिया है, वित्त मंत्री सीतारमण जी ने संसद में टैक्स लगाने की बात स्पष्ट क्या लीगल हो जाएगी क्रिप्टो करेंसी किया है पर क्रिप्टो को कानूनी मान्यता देने पर उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर अभी हम रिसर्च कर रहे हैं हालांकि लेनदेन पर कोई अधिकारी निर्णय तभी लिया आएगा जब चल रही रिसर्च और परामर्श पूरी हो जाएगी,

संसद में पक्ष और विपक्ष दोनों के साथ सुनवाई की गई है, सरकार कोई जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहती है तो हम आने वाले समय में जल्द इसकी स्पष्टता जरूर देंगे।

Is Cryptocurrency legal in India 2022

क्रिप्टो करेंसी को लेकर के भारत में सरकार का रुख

Tax on cryptocurrency in India

वर्ष 2022-23 बजट के अनुसार डिजिटल एसेट्स जैसे Bitcoin, NFT जैसे डिजिटल एसेट में लाभ होने पर अर्थात लागत से अलग उस पर जितना लाभ होगा हर एक डिजिटल एसिड अर्थात चाहे बिटकॉइन हो या एथेरियम कॉइन या अन्य सभी में आपको उसमें हुए लाभ में से 30% का टैक्स देना होगा तथा लेनदेन में या किसी को डिजिटल संपत्ति भेजने पर आपको 1% का टीडीएस 1 जुलाई से देना होगा।

भारतीय चीफ मार्केटिंग ऑफिसर मिकी आयरन डिजिटल संपत्ति को समझाते हुए सरल शब्दों में कहा कि इसका मूल रूप में मतलब है क्रिप्टो करेंसी, एनएफटी के लेनदेन के लिए मुख्य रूप से तैयार किया जाएगा इससे अन्य डिजिटली लेनदेन भी किया जा सकेगा हो सकता है, भारतीय डिजिटल कॉइन आने के बाद क्रिप्टोकरेंसी पर कुछ छूट भी मिल सकती है।

What is Crypto Tax in hindi

Cryptocurrency कभी भी वैध मुद्रा नहीं बनेगी, टैक्सेशन के बाद वित्त सचिव ने क्रिप्टो पर कही यह बड़ी बात

Cryptocurrency कभी भी वैध मुद्रा नहीं बनेगी, टैक्सेशन के बाद वित्त सचिव ने क्रिप्टो पर कही यह बड़ी बात

वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने गुरुवार को क्रिप्टोकरेंसी की वैधता को लेकर चीजें साफ करते हुए कहा कि निजी डिजिटल मुद्रा कभी भी कानूनी मुद्रा नहीं बनेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस सप्ताह संसद में पेश 2022-23 के बजट में क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल संपत्तियों में लेन-देन पर होने वाले लाभ को लेकर 30 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव किया. साथ ही एक सीमा से अधिक के लेन-देन पर एक प्रतिशत टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाने की भी घोषणा की.

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सोमनाथन ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि जिस प्रकार सोना और हीरा मूल्यवान होने के बावजूद वैध मुद्रा नहीं है, निजी क्रिप्टोकरेंसी भी कभी वैध मुद्रा नहीं होंगी. उन्होंने कहा, ‘क्रिप्टो कभी भी वैध मुद्रा नहीं होगी. कानून के हिसाब से वैध मुद्रा का मतलब है कि उसे कर्ज के निपटान में स्वीकार किया जाएगा. भारत किसी भी क्रिप्टो संपत्ति को वैध मुद्रा नहीं बनाएगा. केवल भारतीय रिजर्व बैंक का डिजिटल रुपया ही देश में वैध मुद्रा होगा.'

दुनिया में केवल अल-सल्वाडोर ने ही पिछले साल सितंबर में बिटकॉइन को वैध मुद्रा के रूप में स्वीकार किया है. किसी भी अन्य देश में क्रिप्टो को वैध मुद्रा का दर्जा नहीं मिला है.

देश में क्रिप्टो मुद्रा के लिये नियम बनाने को लेकर विचार-विमर्श जारी है. लेकिन अब तक कोई मसौदा जारी नहीं किया गया है. इस बीच, केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा अगले वित्त वर्ष से परिचालन में आएगी.

क्रिप्टोकोर्रेंसी क्या है ? Cryptocurrency kya hai

Cryptocurrency network marketing भारत में लीगल है या नही। ये जानने से पहले आपको ये जानना बहुत जरूरी है कि Cryptocurrency kya hai। cryptocurrency blockchain technology पर बेस एक digital curency क्या लीगल हो जाएगी क्रिप्टो करेंसी है जो 2009 में शुरू हुई थी। 2009 में पहली बार bitcoin cryto बनाया गया था। Cryptocurrency की कोई फिजिकल form नही होती। इसको आप सिर्फ अपने digital wallet में रख सकते है जिसको digital assets भी कहा जाता है। cryptocurrency पूरी तरह से blockchain technology पर depent करती है जिसका prize लगातार घटता और बढ़ता रहता है।

पिछले कुछ सालो में क्रिप्‍टोकरेंसी का चलन दुनिया भर काफी ज्‍यादा बढ़ गया है। दुनिया भर के कई ऐसे देश है जिन्‍होने क्रिप्‍टोकरेंसी को अपने देश में लीगल कर दिया है। क्रिप्‍टोकरेंसी को अपने यहां लीगल करने वाले देशो में बेल्जियम, चिली, जर्मनी, जापान, न्‍यूजीलैंड और स्‍वीडन जैसे देश आते है। दुनिया में कई देश ऐसे भी है जहा क्रिप्‍टोकरेंसी पूरी तरह से गैरकानूनी है।

क्या है भारत में क्रिप्टो करेंसी बेस्ड MLM प्लान के लीगल पैमाने?

इस लेख को यहा तक पढ़ने के बाद आपको ये तो समझ में आ गया होगा कि क्रिप्‍टोकरेंसी क्‍या है। आइये हम आपको ये बताते है कि क्‍या भारत में Cryptocurrency network marketing bharat me legal hai । तो इस सवाल का जवाब है नही। Cryptocurrency network marketing भारत में लीगल नही है।

कारण 1 : सबसे पहले तो हमें ये समझना होगा कि साल 2021 में भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ कंस्यूमर अफेयर्स ने डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन्स निकाली | इसमें पोंजी स्कीम को सिरे से ख़ारिज किया गया है और कहा गया है की सिर्फ किसी की जॉइनिंग करवाने के आधार पर नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस में पैसा नहीं बंटेगा |

कारण 2: डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइन्स 2021 में साफ़ तौर पर कहा गया है कि MLM बिज़नेस सर्विस और प्रोडक्ट पर आधारित होगा.

क्रिप्टो करेंसी बेस्ड MLM – बड़ा स्‍कैम

भारत समेत दुनिया भर में Cryptocurrency network marketing को लेकर एक बड़ा स्‍कैम चल रहा है।

अभी कुछ सालो पहले भारत और पूरी दुनिया में onecoin नाम की कम्‍पनी ने कमाई के नाम पर लगभग 4 बिलियन डॉलर का स्‍केम किया था। OneCoin कम्‍पनी ये दावा किया करती थी कि ये bitcoin जैसी Cryptocurrency को लिजिट करेंसी में बदलकर लेन देन करती है।

इस समय फॉरसेज Forsage नाम की कंपनी भारत में तेजी से चल रही है लाखो लोग इस पोंज़ी के हिस्से है। इस कंपनी के ओनर भी अब पकड़े जा चुके है।

इन दोनों कंपनियों ने Cryptocurrency network marketing करने का दावा किया था लेकिन ऐसा कुछ भी नही था क्‍योकि ऐसा कोई रूल अभी भारत में नही बना है जो किसी को भी Cryptocurrency network marketing में बदलने की इजाजत देता है।

जहा तक बात Cryptocurrency की है तो भारत सरकार ने भले ही Cryptocurrency को कानूनी मान्‍यता नही दी हो लेकिन ये अभी भारत में गैरकानूनी भी नही है। आप भारत में रहकर अभी भी Cryptocurrency को खरीद और बेच सकते है लेकिन इसकी सुरक्षा की जिम्‍मेदारी क्या लीगल हो जाएगी क्रिप्टो करेंसी आपकी है क्‍योकि भारत में इसकी अब तक कोई गवर्निग बाडी नही है।

cryptocurrency legal in india, क्या क्रिप्टो करेंसी को भारत में कानूनी मान्यता प्राप्त है

भारत में वर्तमान में क्रिप्टोकरंसीज बहुत चर्चाये हो रही है। बिटकॉइन और एथेरियम को क्रिप्टो करेंसी की लीडर कहा जाता है। जिसमें बिटकॉइन सबसे आगे है। लोग के मन में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बहुत से सवाल है और वो इन सवालों के उत्तर जानना चाहते है। आज हम इस लेख में इन सबका जबाब ढूंढते है।

लोग अक्सर पूछते है की मैं भारत में क्रिप्टो कर का भुगतान कैसे करूं? वो ये भी जानना चाहते है की क्या आरबीआई ने भारत में क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया है?, दुनिया में किस देश में क्रिप्टो कानूनी है?, सरकारी वर्यवाही से क्या वज़ीरएक्स ब्लॉक है?, निवेशकों के मन में सवाल है की क्या बिटकॉइन भारत में सुरक्षित है?, क्या मुझे क्रिप्टो में निवेश करना चाहिए?, भारत में बिटकॉइन की अनुमति क्यों नहीं है?, भारत सरकार क्रिप्टो के खिलाफ क्यों है?, क्या क्रिप्टोक्यूरेंसी बैंकों द्वारा स्वीकार की जाती है?, क्या भारतीय क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं?, भारत में कौन सा क्रिप्टो खाता सबसे अच्छा है? और भारत में कौन सा क्रिप्टो ऐप काम कर रहा है? आदि सवाल है।

आपके सभी सवालों का जबाब

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रकाशित एक परिपत्र को अमान्य कर दिया। RBI के इस परिपत्र में बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्त फर्मों द्वारा आभासी मुद्रा, डिजिटल मुद्रा या क्रिप्टो मुद्रा के उपयोग पर रोक लगा दी गयी थी। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में क्रिप्टोकरंसी रेवेन्यू पर 30% टैक्स लगाने की घोषणा की है। हालांकि अभी तक भारत में cryptocurrency को कानूनी मान्यता नहीं मिली है, साथ ही बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी को भारत में अभी तक अवैध भी नहीं माना जाता है।

सरकार द्वारा Crypto पर टेक्स लगाने से लोग क्रिप्टोकरेंसी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अब तक के उदाहरणों और कानूनों से एक बात स्पष्ट है कि अगर आभासी मुद्रा या क्रिप्टो मुद्रा का उपयोग किसी अवैध उद्देश्य के लिए नहीं किया जा रहा है तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा। अगर व्यक्ति क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन का ब्यौरा दे तो और कानूनी रूप से क्रिप्टोक्यूरेंसी आय बनाते हैं, इसे घोषित करते हैं और इस पर कर का भुगतान करते हैं तो इसका लेनदेन कर सकता है।

मुनाफा छुपाना माना जाएगा कालाधन

रेवेन्यू सेक्रेटरी बजाज ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से हुए मुनाफे पर टैक्स (Tax On Cryptocurrency) लगता था. बजट में इस पर नया टैक्स लगाने का ऐलान नहीं किया गया है. इस मसले पर सिर्फ स्थिति साफ की गई है. उन्होंने कहा कि फाइनेंस बिल में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) पर टैक्‍स से जुड़ा प्रावधान है. इसमें क्रिप्टो के कानूनी हैसियत के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. बजाज के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ हो गया है कि क्रिप्टो से हुए मनाफे को छुपाया नहीं जा सकेगा. अगर कोई इस मुनाफे को छुपाता है तो उसे ब्लैक मनी (Black Money) माना जाएगा. देश में क्रिप्टो इन्वेस्टर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है. एक अनुमान के मुताबिक, अभी देश में क्रिप्टो के करीब 1.5 करोड़ इन्वेस्टर्स हैं.

फाइनेंस सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन (TV Somanathan) ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बुधवार को बड़ी बात कही थी. सोमनाथन ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रचलित क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन (Bitcoin), इथीरियम या नॉन फंजीबल टोकन यानी एनएफटी (NFT) कभी वैध मुद्रा या लीगल टेंडर घोषित नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि क्रिप्टो एसेट को सरकार की तरफ से कोई मंजूरी नहीं मिली है और इसके दाम प्राइवेट तरीके से सेट किए जाते हैं. हालांकि, सोमनाथन ने कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से लाई जाने वाली डिजिटल करेंसी कभी डिफॉल्ट नहीं होगी. आरबीआई द्वारा जारी किया गया डिजिटल रुपया लीगल टेंडर होगा.

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